उत्तराखण्ड

विकास की राह पर सुजलॉन के शेयरों में भारी उछाल

निवेशकों के भरोसे के दम पर बुधवार को सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के शेयरों में 5.15% की जबरदस्त तेजी देखी गई, जिससे शेयर की कीमत ₹48.22 पर पहुंच गई। यह उछाल ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने पिछले एक महीने में 17% से अधिक की बढ़त दर्ज की है, जो सेंसेक्स और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) कंपनियों के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन है।

एक ही कारोबारी सत्र में 8.1 करोड़ से अधिक शेयरों के लेन-देन के साथ, इस पवन ऊर्जा दिग्गज ने हरित ऊर्जा (Green Energy) क्षेत्र में पसंदीदा स्टॉक के रूप में अपनी स्थिति फिर से मजबूत कर ली है। बाजार विश्लेषक इस तेजी का मुख्य कारण तकनीकी रिकवरी और मई में आने वाले Q4 FY26 के नतीजों के प्रति उत्साह को मान रहे हैं।

बाजार की गतिशीलता: ग्रीन इंडेक्स से आगे

सुजलॉन के शेयरों में आज ‘गैप-अप’ ओपनिंग देखी गई, जो संस्थागत और खुदरा निवेशकों की मजबूत मांग का संकेत है। जहाँ बीएसई सेंसेक्स 1.55% बढ़ा, वहीं सुजलॉन की 5.15% की छलांग नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की औसत बढ़त (4.72%) से काफी अधिक थी।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर ने अपने अल्पकालिक मूविंग एवरेज (5-दिन, 20-दिन और 50-दिन) को पार कर लिया है। यदि यह 100-दिन और 200-दिन के रेजिस्टेंस लेवल को पार करता है, तो इसे ‘गोल्डन क्रॉसओवर’ माना जाएगा, जो लंबी अवधि की तेजी का संकेत होगा।

मुनाफे का अनुमान: राजस्व में भारी वृद्धि की उम्मीद

मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही के नतीजों के लिए बाजार काफी सकारात्मक है:

  • राजस्व अनुमान: ₹3,400–3,700 करोड़ (जेएम फाइनेंशियल और यस सिक्योरिटीज के अनुसार)।

  • शुद्ध लाभ (PAT): ₹540–600 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद।

  • पिछला प्रदर्शन: Q3 में सुजलॉन ने 617 मेगावाट की अपनी अब तक की सबसे अधिक त्रैमासिक डिलीवरी दर्ज की थी।

“सुजलॉन ने खुद को एक कर्ज में डूबी उपयोगिता कंपनी से बदलकर एक तकनीक-संचालित OEM (Original Equipment Manufacturer) के रूप में सफलतापूर्वक स्थापित किया है। ‘सुजलॉन 2.0’ का इंजन अब अपनी पूरी क्षमता से चल रहा है।” — एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज

ऑर्डर बुक: 6.4 GW का मजबूत किला

सुजलॉन की वर्तमान वैल्युएशन का आधार इसकी 6.4 गीगावाट (GW) की विशाल ऑर्डर बुक है, जो अगले 24 से 36 महीनों तक राजस्व की स्पष्टता प्रदान करती है। कंपनी के पास सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) और औद्योगिक (C&I) क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ऑर्डर हैं।

हाल की बड़ी जीत:

  1. GAIL (India) Ltd: मार्च 2026 में, गेल के महाराष्ट्र स्थित पेट्रोकेमिकल प्लांट को कार्बन मुक्त करने के लिए 100 मेगावाट का ऑर्डर मिला।

  2. आर्सेलर मित्तल (ArcelorMittal): गुजरात में “ग्रीन स्टील” उत्पादन के लिए 248.85 मेगावाट की हाइब्रिड ऊर्जा परियोजना का अनुबंध मिला।

नेतृत्व 2.0: अजय कपूर का युग

संख्याओं से परे, सुजलॉन के नेतृत्व में आए बदलाव की भी सराहना हो रही है। फरवरी 2026 में, अजय कपूर (अंबुजा सीमेंट्स के पूर्व एमडी) को ग्रुप सीईओ नियुक्त किया गया। “सुजलॉन 2.0” विजन के तहत, कंपनी अब केवल टरबाइन निर्माता नहीं रही, बल्कि बैटरी स्टोरेज (BESS) और सौर एकीकरण के क्षेत्र में भी विस्तार कर रही है।

एक दिग्गज की वापसी

कुछ साल पहले तक कर्ज के संकट से जूझने वाली सुजलॉन आज एक बार फिर भारतीय पवन ऊर्जा क्षेत्र का नेतृत्व कर रही है। प्रमुख राज्यों (जैसे महाराष्ट्र) में 38% बाजार हिस्सेदारी के साथ, सुजलॉन भारत के 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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