उत्तराखण्ड

त्योहारों में पूरी-कचौड़ी खाने के बाद हो रही गैस और एसिडिटी? इन आसान उपायों से पाएं राहत

त्योहारों के दौरान खानपान में सावधानी जरूरी है। पूरी, कचौड़ी, पकौड़े और मसालेदार पकवानों का स्वाद लेना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा तला-भुना भोजन खाने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कई लोगों को इसके बाद पेट में भारीपन, गैस, खट्टी डकारें, पेट फूलना और सीने में जलन जैसी शिकायतें होने लगती हैं।

खासकर जिन लोगों को पहले से एसिडिटी या अपच की समस्या रहती है, उनके लिए त्योहारों में खानपान का ध्यान रखना जरूरी है। अच्छी बात यह है कि कुछ सामान्य आदतों में बदलाव करके इन परेशानियों का जोखिम कम किया जा सकता है।

ज्यादा तला-भुना भोजन क्यों बढ़ा सकता है परेशानी?

पूरी, कचौड़ी और पकौड़े जैसे खाद्य पदार्थों में वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। ज्यादा वसायुक्त भोजन पाचन की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है और कुछ लोगों में पेट भरा हुआ महसूस होने, अपच या एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकता है।

इसके अलावा, एक ही समय में बहुत ज्यादा खाना, जल्दी-जल्दी भोजन करना और भोजन के तुरंत बाद लेट जाना भी परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए त्योहारों में पसंदीदा व्यंजन खाने के साथ मात्रा और खाने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है।

बचाव और राहत के लिए जरूरी उपाय:

भोजन के बाद तुरंत न लेटें: खाने के तुरंत बाद लेटने से एसिडिटी और सीने में जलन (हार्टबर्न) की समस्या बढ़ सकती है। खाने के बाद कुछ देर सीधे बैठें और संभव हो तो 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक (टहलना) जरूर करें।

थोड़ा-थोड़ा खाएं: अपने पसंदीदा पकवानों का पूरा आनंद लें, लेकिन एक बार में बहुत सारा खाने के बजाय छोटे हिस्सों में खाएं। एक साथ बहुत ज्यादा तला हुआ और मसालेदार भोजन खाने से बचें।

हाइड्रेशन का रखें ख्याल: दिनभर पर्याप्त पानी पीना पाचन को सामान्य रखने में मदद करता है। एक साथ बहुत सारा पानी पीने के बजाय पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें।

घरेलू नुस्खों का सीमित इस्तेमाल: अजवाइन का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से गैस और पेट की परेशानी में फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखें कि इससे हर व्यक्ति को राहत मिले, यह जरूरी नहीं है। बार-बार एसिडिटी होने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने से बचें।

ट्रिगर फूड्स की पहचान करें: कुछ लोगों में अत्यधिक चाय-कॉफी, ज्यादा मिर्च-मसाले और खट्टे खाद्य पदार्थ एसिडिटी को तेजी से बढ़ाते हैं। अपनी परेशानी बढ़ाने वाले ऐसे खाद्य पदार्थों की पहचान करें और उनके सेवन को सीमित करें।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

यदि सावधानी बरतने के बाद भी पेट में तेज दर्द बना रहे, लगातार उल्टी हो, खून की उल्टी आए, मल का रंग काला हो या सीने में तेज दर्द महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। इसके अलावा, बार-बार होने वाली एसिडिटी या अपच के मामलों में भी डॉक्टर से परामर्श करना बेहद जरूरी है।

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